नमस्कार, सीकर की शेखावाटी यूनिवर्सिटी ने अघोरी बाबा शैलेंद्रनाथ महाराज को पीएचडी की मानद उपाधि दे दी। छात्र इसका विरोध कर रहे थे। जोधपुर ग्रामीण की नई एसपी मैडम ने ‘रेड कारपेट कल्चर’ को दरकिनार कर दिया और अजमेर में पटवारी ने 10 महीने बाद ही सही, कलेक्टर का आदेश मान लिया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. अघोरी बाबा को मानद उपाधि सीकर की शेखावाटी यूनिवर्सिटी ने अघोरी बाबा शैलेंद्र नाथ को पीएचडी की मानद उपाधि दे दी। राज्यपाल महोदय की मौजूदगी में डमरू बजाते बाबा मंच पर पहुंचे और उपाधि प्राप्त की। इससे पहले छात्र संगठन SFI ने अघोरी बाबा को उपाधि देने का विरोध किया था। बाबा पर नशा करने और नशे को प्रचारित करने का आरोप लगाया था। वीसी के खिलाफ नारेबाजी की थी। छात्रों ने कहा था कि अघोरी बाबा ने यूनिवर्सिटी या छात्रों के कल्याण के लिए ऐसा क्या कर दिया जो मानद उपाधि दी जाए। छात्रों का विरोध धरा रह गया और बाबाजी उपाधि ले गए। वैसे बाबाजी के एक हाथ में डमरू और दूसरे में चिलम रहती है। यह भी सच है कि सोशल मीडिया पर चिलम खींचने के उनके कई वीडियो महिमामंडित किए गए हैं। लेकिन मानद उपाधि उन्हें इस क्षेत्र के लिए नहीं दी जा रही। महाराज कामाक्षा मां शैलेंद्र बाबा कामधेनु सेवा संस्थान ट्रस्ट (मुकुंदगढ़, झुंझुनूं) के जरिए सेवा के कई काम कर रहे हैं। सैकड़ों गायों की सेवा कर रहे हैं। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हैं। गुमानगिरी महाराज की स्मृति में खेल प्रतियोगिताएं कराते हैं। लंगर-भंडारे चलाते हैं। 2. SP मैडम ने खिसका दी ‘चौकी’ पूरे थाने में भागम-भाग मची थी। एसपी मैडम का विजिट था। मैडम नई-नई एसपी हैं, इसलिए इंप्रेस करने का कोई मौका छूटना नहीं चाहिए था। स्वागत में कोई कमी न रह जाए इसके लिए फूलों का गुलदस्ता मंगाया गया। गाड़ी रुकने के स्थल से लेकर थाने के द्वार तक रेड कारपेट बिछाया गया। इसके बीच में चौकी रखी गई जिस पर खड़े होकर मैडम को गार्ड ऑफ ऑनर स्वीकार करना था। सभी तैयारियां मुस्तैद थीं। मैडम की गाड़ी आई। मैडम उतरीं। गुलदस्ता भेंट किया गया। मैडम आगे बढ़ीं और रेड कारपेट देख ठिठक गईं। फिर रास्ता बदल दिया। रेड कारपेट पर नहीं चलीं। चौकी के पास पहुंची और जूते से चौकी को दूर ठेल दिया। जवानों के बराबर आधार पर खड़े होकर गॉर्ड ऑन ऑनर को सैल्यूट से स्वीकार किया। मैडम ने सीधा मैसेज दे दिया कि न तो रेड कारपेट कल्चर पसंद है और न ही ऊंचा-नीचा। इसके बाद जो काम करने आईं थी, वह इत्मीनान से किया। ऑफिसर ड्यूटी रूम देखा। रिकॉर्ड चेक किया। व्यवस्थाएं देखीं। सवाल-जवाब किए। 3. कलेक्टर का आदेश और पटवारी की ‘जिद’ अजमेर में एक सरकारी लेटर चर्चा का विषय बना हुआ है। लेटर में तहसीलदार ने कलेक्टर के आदेशानुसार पटवारी को प्रमोट होकर नई जगह पदभार संभालने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर साहब ने पटवारी का प्रमोशन करने के बाद आदेश दिया था कि चाचियावास से सरवाड़ चले जाएं। लेकिन पटवारी खुद किसी कलेक्टर से कम नहीं। पिछली सरकार में इसकी काफी चलती थी। कई नेताओं का सिर पर हाथ बताया जाता है। यहां तक कि अजमेर से टिकट की मांग तक कर बैठा था। फिर जब नियमों का पता चला तो सॉरी बॉलते हुए नौकरी जारी रखने में ही भलाई समझी। पटवारी रहते हुए राजनीति चमक रही थी। कई तरह के आरोप भी लगे। हिमाकत इतनी कि कलेक्टर के आदेश को भी हवा-हवाई समझा। आदेश जारी होने के 10 महीने बाद तक पटवारी ही बना रहा। अब जाकर आदेश की पालना हुई है। महकमे में चर्चा कि कलेक्टर साहब के आदेश के परवाह पटवारी तक नहीं कर रहे। 4. चलते-चलते.. ईरान-अमेरिका इजराइल में युद्ध चल रहा है। अफवाह सुनते ही लोग पेट्रोल के लिए लाइन लगाने लगते हैं। गैस का सिलेंडर पाने के लिए लोग जी-जेवड़ी एक कर रहे हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी इन्हीं दिनों हो रहा है। जो लोग सूखी लकड़ियों के भरोसे निश्चिंत रहे, उनकी उम्मीदें भी भीग चुकी हैं। इतना सब होने के बीच जयपुर के चौमूं में एक चीज अच्छी हुई। सामूहिक विवाह का विशाल सम्मेलन हुआ। जहां रसोई चलाना मुश्किल वहां शादी-ब्याह में सैकड़ों लोगों को जिमाना टेढ़ी खीर है। सामूहिक विवाह में एक साथ कई दूल्हों की निकासी निकल गई। एक साथ कई घराती-बारातियों का डांस हो गया। एक साथ कई बारातों का जीमण हो गया। खुशी भी बढ़कर कई गुना हो गई। कार्यक्रम में मंत्री झाबर सिंह खर्रा और अविनाश गहलोत पहुंचे। विधायक शिखा मील पहुंचीं। कई पूर्व विधायक और पदाधिकारी पहुंचे। विशाल पंडाल में ऐसा माहौल देख भाजपा महामंत्री भूपेंद्र सैनी भी थिरक उठे। साथ के साथ सभी बाराती भी खूब झूमे। इनपुट सहयोग- सुरेंद्र माथुर, स्वप्निल सक्सेना (सीकर), सुनील जैन (अजमेर), मनोज सैनी (चौमूं)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार को मुलाकात होगी..
