स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने सोशल मीडिया के जरिए निवेश के नाम पर धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए ऐंठने वाली गैंग के सहयोगी बदमाश को अरेस्ट किया है। सोशल मीडिया के जरिए प्रचार-प्रचार कर गिरोह ने 82 हजार लोगों को जोड़ ठगी की। मोटे रिटर्न के साथ ही 6 लाख रुपए में स्कॉर्पियो देने तक की घोषणा की थी। एसओजी की ओर से मेन आरोपी व उसके साथियों को अरेस्ट कर पूर्व में जेसी भेजा जा चुका है। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- निवेश ठग गैंग के सहयोगी सुरेश सैनी (34) निवासी भोपालगढ जोधपुर को अरेस्ट किया गया है। उसका भोपालगढ़ में जेसीबी रिपेयर का वर्कशॉप है। इस कारण ग्रामीणों में उसकी अच्छी पकड़ है। ठगी के मामले में वह पिछले तीन महीने से फरार चल रहा था। एसओजी टीम ने बुधवार रात दबिश देकर उसे जोधपुर से पकड़ा है। एसओजी की ओर से गिरफ्तार आरोपी सुरेश सैनी से पूछताछ की जा रही है। मामले में पूर्व में मेन आरोपी बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी, ममता भाटी और दिनेश बागड़ी को अरेस्ट कर जेसी भेजा जा चुका है। ठगी के लिए तैयार की थी वेबसाइड
साल-2025 में एसओजी को शिकायत मिली कि सोशल मीडिया के जरिए क्रिप्टो करेंसी और आकर्षण निवेश प्लान के जरिए आमजन से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए ऐंठने में एक गिरोह सक्रिय है। एसओजी की ओर से जांच में सामने आया कि गिरोह की ओर से जोधपुर इलाके में सोशल मीडिया के जरिए मोर्ट रिर्टन का झूठा आश्वासन देकर रुपए ऐंठे जा रहे है। गिरोह का मेन आरोपी बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी है। जिसने सॉफ्टवेयर डेवलपर रजनीश कुमार से मिलीभगत कर ठगी के लिए वेबसाइड तैयार करवाई। जिसमें 250 रुपए में आईडी शुरू कर करीब 82 हजार लोगों को जोड़ा गया। उनसे करीब 2 करोड़ रुपए प्राप्त किए गए। 6 लाख में स्कॉर्पियो और 12 लाख में फॉर्च्युनर गाड़ी
इसके बाद आरोपी प्रिंस सैनी ने हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी स्थापित कर खुद को निदेशक और अपनी मंगेतर ममता सैनी को सह-निदेशक बनाया। कंपनी के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डिजिटल करेंसी ‘एसवीटी कॉइन’ लॉन्च करके और उसे क्रिप्टो एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कराने का भ्रामक प्रचार किया गया। निवेश पर विभिन्न इनामी योजनाएं चलाई गई। जिसमें 5.90 लाख रुपए में स्कॉर्पियो और 12 लाख रुपए में फॉर्च्युनर गाड़ी जैसे प्रलोभन फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए फैलाए गए। झूठी प्लानिंग कर डिजिटल करेंसी में करवाया निवेश
झूठी प्लानिंग के जरिए लोगों को डिजिटल करेंसी में निवेश के लिए प्रेरित कर 2360 रुपए प्रति आईडी के हिसाब से करीब 336 ट्रांजेक्शन के जरिए से रेजर-पे पेमेंट गेटवे पर करीब 2.21 करोड़, डीसीबी बैंक में 51.34 लाख और बैंक ऑफ इंडिया में करीब 20.21 लाख (कुल करीब 4 करोड़ 92 लाख 44 हजार रुपए) ऑनलाइन प्राप्त किए गए। इनके अलावा 40 लोगों से लिखित इकरारनामा कर कंपनी में निवेश करवाया गया। सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रचार किया गया। अक्टूबर-2025 में भोपालगढ़ में ‘डबल सेंचुरी रिवार्ड सेरेमनी’ नामक प्रोग्राम आयोजित कर 250 स्कॉर्पियो गाड़ियां देने की घोषणा की गई। जिसमें 251 व्यक्तियों से करीब 15 करोड़ रुपए ठगी से प्राप्त किए गए। सहयोगी ने ग्रामीणा को फांसा
गिरोह के आरोपियों की ओर से इस पैसे का यूज अपनी निजी विलासिता, विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों को दान और निजी यूज के लिए महंगे वाहन खरीदने में किया गया। गिरफ्तार सह आरोपी सुरेश सैनी ने भी इस धोखाधड़ी में सक्रिय भूमिका निभाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 6 लाख रुपए में स्कॉर्पियो गाड़ी दिलाने का लालच देकर 56 लोगों से करीब 3.5 करोड़ रुपए इकट्ठे किए। कंपनी में 1173 आईडी लगाकर करीब 28 लाख रुपए सोशल मीडिया ऐप और क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर जमा करवाए। ठगी के एवज में कमीशन रुप में उसने अपने भाई के नाम पर एक स्कॉर्पियो गाड़ी मेन आरोपी से प्राप्त की थी, जिसे जब्तकर लिया गया है।
