कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री (RCF) में कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर आरसीएफ कर्मचारी यूनियन (RCFEU) का विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। 24 अगस्त को डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर प्रदर्शन के बाद 25 अगस्त को भी यूनियन के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रशासन और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए RCFEU के प्रधान अमरीक सिंह ने कहा कि RCF कर्मचारी लंबे समय से देश की रेल व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, लेकिन उनके मूलभूत मुद्दों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। अमरीक सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में 2043 पद खाली पड़े हैं, जिन्हें भरा नहीं जा रहा। यूनियन बोली- इंसेंटिव में कटौती या भुगतान में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी इसके विपरीत 147 पदों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ बढ़ेगा और फैक्ट्री की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। यूनियन ने मांग की कि उत्पादन की जरूरत को देखते हुए खाली पदों को जल्द भरा जाए और आवश्यकता के अनुसार नई पोस्ट भी सृजित की जाएं। उन्होंने कर्मचारियों को अतिरिक्त काम के लिए मिलने वाले इंसेंटिव का मुद्दा भी उठाया। यूनियन ने कहा कि इंसेंटिव में कटौती या भुगतान में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। RCFEU ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 26 अगस्त को आधे दिन का सांकेतिक धरना दिया जाएगा।