डौंडीलोहारा नगर की लाडली बिटिया मेघा डोसी ने संयम का मार्ग चुना है। संसार की आसरता को उसने कम उम्र में जान लिया व समझ लिया, तभी संयम जीवन का वरण करने वाली है। जहां पर संसार की कोई भी सुख सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। होगा तो बस धर्म आराधना व आत्मा को परमात्मा बनाने वाली साधना का।