नमस्कार विधानसभा पहुंची विधायक मैडम साड़ी पर ही लिखा लाई कि ‘मामले’ की CBI से जांच हो। उनके पति पर कमीशनखोरी का आरोप है। बूंदी में कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल की ‘ललकार’ के राजनीतिक मायने निकलने लगे तो सफाई दे दी। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के डायरेक्टर ने फागी में बेटे की शादी में जोरदार डांस कर दिया और नागौर एसपी की कैप लगाकर महिला खूब नाची। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. ऋतु बनावत की ‘खास’ साड़ी बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। पहले दिन माननीय पर विशेष नजर रहती है। विधानसभा की दहलीज पर देखा तो फावड़े-कुदाल और परात का ढेर लगा। एक पत्रकार ने साथी से पूछा- क्या निर्माण कार्य चल रहा है? साथी ने कहा- हां, मुद्दों का निर्माण चल रहा है। कुछ देर में बड़े वाले माननीयों ने कुदाल-गैंती-फावड़े उठाए और ‘मनरेगा’ के नारे लगाते हुए चलने लगे। काफी शोर-शराबा था। पत्रकारों की भीड़ लगी थी। लेकिन भरतपुर के बयाना से आईं निर्दलीय विधायक मैडम की पर्पल कलर की साड़ी ने पत्रकारों का ध्यान खींचा। मैडम को घेर लिया गया। साड़ी पर लिखा था- सीबीआई जांच की जाए। मैडम का स्टिंग हुआ था। उनके पति कमीशन मांगते कैद हो गए थे। काफी हो-हल्ला मचा। मैडम ने कहा-जांच होगी तभी दूध का दूध और पानी का पानी होगा। 2. प्रहलाद गुंजल की हुंकार और सफाई हाड़ौती की राजनीति में अगल ही खेंचतान चल रही है। पूर्व मंत्रीजी हाल में कहा कि फसल अच्छी होती है तो रोजड़े (नीलगाय) घुस आते हैं। पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक ने तो एक तीर चलाया। लेकिन शिकार कई हो गए। पूर्व मंत्रीजी घेरने में भी आगे और घिरने में भी। अंता चुनाव में प्रभारी रहे पूर्व मंत्रीजी को कांग्रेस की जीत का खूब श्रेय मिला तो हारे हुए नेता नरेश मीणा ने चुनौती दे दी कि अब तो आपके क्षेत्र से अगला चुनाव लड़ूंगा। और वाकई नरेश मीणा उनके इलाके में घूमने लगे, सभाएं करने लगे। लोगों का रिस्पॉन्स भी मिला। पूर्व मंत्रीजी ने उनके क्षेत्र में सभाएं कर रहे नेताओं को तुलना नीलगाय से कर दी। नरेश मीणा तो चलो कांग्रेस के नेता नहीं हैं लेकिन इधर कांग्रेस के ही प्रहलाद गुंजल बूंदी में घुसे और खूब हुंकार भरने लगे। किसानों को संबोधित कर रहे थे लेकिन लगा कि किसी सेना को किसी जंग के लिए तैयार कर रहे हैं, ललकार रहे हैं। अब इससे पता नहीं क्या गलतफहमी हुई। चर्चा होने लगी। लेकिन गुंजल ने सफाई में कह दिया कि उनका संबोधन किसानों के लिए था। 3. बेटे की शादी में नाचे डायरेक्टर साहब यूं तो एक अधिकारी को अपने प्रोफेशन में नाचना पड़ता है। कभी जनता की भलाई के काम के लिए तो कभी जनता के आक्रोश के सामने। कभी मंत्री-नेताओं के दबाव में नाचता है। तो कभी उनके सहयोग से नाचता है। लेकिन आईएएस सीताराम जाट तो वाकई नाचे। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के डायरेक्टर शुद्ध रूप से नाचे। पत्नी के साथ नाचे। सफेद धोती कुर्ता, परंपागत लाल पगड़ी और देसी ठाठ के साथ देसी गीतों पर नाचे। जयपुर के फागी में उनके बेटे की शादी का समारोह था। समारोह में मंत्रिगण, नेतागण, अधिकारीगण और बड़े-बड़े लोगों की आवाजाही। उनकी नृत्य कला में पिता की खुशी उजागर हुई। जिस तरह उन्होंने लोकनृत्य का नजारा दिखाया, उससे लगता है कि शिक्षा बोर्ड के डायरेक्टर डांस में मास्टर भी हैं। 4. चलते-चलते.. गणतंत्र जितना खूबसूरत होना चाहिए डीडवाना में उतना ही दिखा। स्टेडियम में रिपब्लिक डे का प्रोग्राम लगभग हो चुका था। भीड़ छंट गई थी। परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम देख अधिकतर लोग चले गए थे। मंच पर राज्यमंत्री विजय सिंह, कलेक्टर महेंद्र खड़गावत और एसपी ऋचा तोमर मौजूद थीं। स्थानीय लोगों ने जिला स्तर का समारोह खत्म होने के बाद मंच के पास डीजे बजा दिया। लोक संगीत की स्वर लहरियां बिखरने लगीं। इसके बाद मंच के सामने खड़ी महिलाएं डीजे पर डांस करने लगीं। मंत्रीजी और कलेक्टर महोदय ताली बजाकर उनका हौसला बढ़ाने लगे। महिलाओं ने इशारा करके एसपी मैडम को मंच के नीचे बुलाया। एसपी साहिबा से महिलाओं ने डांस करने की गुजारिश की। मैडम ने डांस तो नहीं किया लेकिन अपनी कैप उतारकर डांस कर रही महिला के सिर पर रख दी। कुछ ही देर में वहां अलग ही माहौल हो गया। लोगों की भीड़ जुट गई। एक अलग ही समारोह चल पड़ा। ‘जन-गण-मन’ का अनोखा संगम हो गया। (इनपुट सहयोग- मुकेश नागर, (बूंदी), हनुमान सिंह तंवर (नागौर)।) वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…
