डिजिटल लोन लेना आज पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। मोबाइल ऐप पर आवेदन कीजिए और कुछ ही समय में लोन की मंजूरी मिल सकती है। लेकिन इस सुविधा की एक कीमत भी है। कई डिजिटल लोन में ब्याज दर के साथ प्रोसेसिंग फीस और दूसरी लागत इतनी ज्यादा हो सकती है कि छोटी रकम चुकाना भी जेब पर भारी पड़ जाए। फिनटेक एसोसिएशन फॉर कंज्यूमर एम्पावरमेंट (FACE) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में मंजूर होने वाले कुल पर्सनल लोन में संख्या के आधार पर डिजिटल लेंडर्स और फिनटेक ऐप की हिस्सेदारी करीब 70% से 77% है। वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में डिजिटल एनबीएफसी ने करीब 3.4 करोड़ पर्सनल लोन मंजूर किए, जिनकी कुल रकम 64,656 करोड़ रुपये रही। इस दौरान औसत लोन करीब 18,802 रुपये का था।
