जैसलमेर। नगर निकाय चुनाव की 14 सितंबर को होने वाली मतगणना इस बार सिर्फ पार्षदों की सूची तैयार नहीं करेगी, ईवीएम से निकलने वाले वोट यह भी तय करेंगे कि जैसलमेर की स्थानीय राजनीति में अगले दौर का प्रभाव किन चेहरों के पास रहेगा। 44 वार्डों के फैसले में कुछ नाम परिषद तक सीमित रहेंगे, जबकि कुछ के लिए यह जीत राजनीतिक पहचान को अगले स्तर तक ले जाने का लॉन्चपैड बन सकती है। इस चुनाव की खास बात यह है कि कई वार्डों में मुकाबला पार्टी के पारंपरिक वोट से ज्यादा प्रत्याशी की अपनी पकड़ पर टिका रहा है। मतगणना के बाद यही पता चलेगा कि किसने संगठन के भरोसे वोट हासिल किए और किसने अपने व्यक्तिगत संपर्क को चुनावी ताकत में बदला।