भारत का हेल्थकेयर सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। देश में बेहतर इलाज, आधुनिक अस्पताल और विशेष सेवाओं की मांग लगातार बढ़ने के साथ-साथ निवेशकों का भरोसा भी इस सेक्टर पर मजबूत होता जा रहा है। इसी का नतीजा है कि आने वाले साल में भारत का प्राइमरी मार्केट (IPO मार्केट) हेल्थकेयर कंपनियों से भरा रहने वाला है। इन्वेस्टमेंट बैंकर्स के मुताबिक 2026 में अस्पताल चेन, और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) कंपनियों के करीब 20,000 करोड़ रुपये के आईपीओ बाजार में दिखाई दे सकते हैं।
