Social Media Misuse: कभी एक अप्रेल को हल्के-फुल्के मजाक का दिन माना जाता था। मगर सोशल मीडिया के इस दौर में प्रैंक्स और झूठी सूचनाएं फैलाने का मानों आसान जरिया बन गया है। कोई मजाक में नहीं बल्कि साजिशन, फेमस होने और सोशल मीडिया पर छाने की मंशा से भी किया जा रहा है। ऐसे ही डिजिटली फूल बनाना कई बार न केवल खुद के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी नुकसान का सबब बन जाता है।

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