Home Loan ग्राहक अक्सर इस बात पर कन्फ्यूज रहते हैं कि फिक्स्ड रेट वाला होम लोन लें या फ्लोटिंग रेट वाला। दोनों के अपने फायदे-नुकसान हैं। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट को 0.25 फीसदी बढ़ाकर 5.50% कर देने के बाद ग्राहकों के बीच यह सवाल अब और बड़ा हो गया है। रेपो रेट बढ़ने का सीधा असर बैंकों की ब्याज दरों पर पड़ सकता है और इसका बोझ आखिरकार ग्राहकों की ईएमआई पर आ सकता है।