Chip Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन सेमीकंडक्टर यानी इलेक्ट्रॉनिक चिप्स पर नए टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है। पॉलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्ताव के तहत सिर्फ चिप्स ही नहीं, बल्कि उनसे बनने वाले मोबाइल, लैपटॉप, कार और AI डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले सर्वर जैसे कई टेक प्रोडक्ट्स भी टैरिफ के दायरे में आ सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ऐसी व्यवस्था के पक्ष में हैं, जिसमें विदेशी कंपनियों को टैरिफ से राहत तभी मिले, जब वे अमेरिका में चिप मैन्युफैक्चरिंग में निवेश करें। वहीं, टेक कंपनियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के टैरिफ से AI के क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, अभी यह सिर्फ प्रस्ताव है। टैरिफ कितना होगा, किन चिप्स और देशों पर लागू होगा और किसे छूट मिलेगी, यह अभी तय नहीं है।
