भारतीय रुपये में लगातार कमजोरी का दौर जारी है और बुधवार को इसमें ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने क्रूड ऑयल कीमतों को ऊंचा बनाए रखा है, जिससे भारत जैसे आयातक देश पर दबाव बढ़ा है। इसी बीच 18 मार्च को रुपया पहली बार 92.50 के स्तर को पार कर 92.57 प्रति डॉलर तक गिर गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले से पहले बाजार में अनिश्चितता को भी दर्शाती है।