कर्नल राज्यवर्धन बोले-आतंकियों की ड्रेस में उनके बीच जाकर मारा:हर परिस्थिति में उनको मारना हमारा लक्ष्य था,राठौड़ की चार पीढ़ियां सेना में रही
मेरे परदादा 10 साल इटली में रहे। उन्होंने प्रथम विश्वयुद्ध लड़ा था। मेरे दादा ने दूसरा विश्वयुद्ध लड़ा था। मेरे ताऊजी को उनकी वीरता के लिए वीर चक्र से सम्मानित…
