जयपुर में देहदान को लेकर लगातार बढ़ रही जागरूकता:मौन में भी मानवता की ऊंची आवाज; एसएमएस में 37 साल में 344 देहदान हुई, इस साल अब तक 30 ने की
मानवता का सबसे निस्वार्थ रूप शायद यही है, मरने के बाद भी किसी की जिंदगी में रोशनी छोड़ जाना। जयपुर में देहदान को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है। एसएमएस…
