आगामी केंद्रीय बजट 2026 को लेकर औद्योगिक नीति से जुड़ी चर्चाएं तेज हैं और सरकार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने के लिए कई नए कदमों पर विचार कर रही है। बीते कुछ वर्षों में कैपिटल गुड्स सेक्टर को रणनीतिक क्षेत्र के रूप में देखा गया है, क्योंकि यह इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल और हेवी इंडस्ट्री से सीधे जुड़ा है। इसी सिलसिले में सरकार बजट 2026 में स्थानीय कैपिटल गुड्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए करीब 23,000 करोड़ रुपये तक के इंसेंटिव पैकेज की घोषणा कर सकती है, जिसका उद्देश्य आयात निर्भरता घटाना और घरेलू वैल्यू चेन को मजबूत करना बताया जा रहा है।