अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए सिख धर्म की हो रही बेअदबी और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में अमृतसर स्थित कार्यालय में एआई तकनीक के जाने-माने विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के साथ विशेष बैठक हुई। बैठक में विशेषज्ञों ने भविष्य में सामने आने वाली चुनौतियों और एआई के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कई अहम सुझाव दिए। एडवोकेट धामी ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार ऐसी सामग्री बढ़ रही है, जो सिख भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है। इस पर अंकुश लगाने के लिए शिरोमणि कमेटी ठोस नीति बनाएगी। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों से मिले सुझावों पर आंतरिक समिति की अगली बैठक में चर्चा कर अंतिम नीति तैयार की जाएगी। AI विशेषज्ञों के साथ बैठक, नीति पर चर्चा SGPC की बैठक में सदस्यों के साथ-साथ गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, खालसा कॉलेज, रायत बहारा इंस्टिट्यूट और अन्य प्रमुख संस्थानों के प्रोफेसर, वाइस चांसलर और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे। वहीं कनाडा और अमेरिका से भी एआई विशेषज्ञ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। धामी ने शिरोमणि कमेटी के इस प्रयास को ‘भविष्य की पीढ़ियों के लिए जरूरी और ऐतिहासिक कदम’ बताया और सभी विशेषज्ञों का विशेष धन्यवाद किया। SGPC सदस्यों ने कहा- सरकार भी एक्शन ले एसजीपीसी के सदस्य हरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि सिख धर्म की बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और एआई के जरिए सिर्फ सिख धर्म ही नहीं, बल्कि अन्य धर्मों की भी बेअदबी की जाती है। ऐसे में सरकार को भी चाहिए कि इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए।