श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक के माध्यम से श्री दरबार साहिब की बार-बार बनाई जा रही आपत्तिजनक वीडियो पर आपत्ति जताई है। उन्होंने पंजाब सरकार और भारत सरकार से इस प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि इस तरह की हरकतें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब सिखों का सर्वोच्च धार्मिक स्थल है। जो संपूर्ण मानवता को प्रेम, भाईचारे और साझा सांझ का संदेश देता है। लेकिन तकनीक के इस दौर में कुछ शरारती तत्व एआई का दुरुपयोग करते हुए नकली और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सिख समुदाय की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचा रहे हैं। सरकार की निष्क्रियता पर सवाल जत्थेदार गड़गज ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले समय में दर्ज की गई कई शिकायतों के बावजूद, अब तक किसी दोषी को सार्वजनिक नहीं किया गया और ना ही उन पर कोई स्पष्ट कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि जब किसी मंत्री या सरकारी प्रतिष्ठान को लेकर कोई मामला आता है, तो सरकारें तुरंत कार्रवाई करती हैं। लेकिन सिख धर्म से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की निष्क्रियता और उदासीन रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। नफरत फैलाने वाले तत्वों की पहचान जरूरी उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो व्यक्ति श्री दरबार साहिब जैसे पवित्र स्थान को निशाना बनाकर आपत्तिजनक सामग्री बनाता है, उसके मन में सिखों और उनके धार्मिक स्थलों के प्रति घोर नफरत है। ऐसे तत्वों की पहचान करके उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं और उन्हें कड़ी सजा दी जाए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।