महाराजा सूरजमल ब्रज विश्वविद्यालय की ओर से ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स गेम्स में खेलने गए 14 नेशनल लेवल एथलीटों के साथ बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यूनिवर्सिटी द्वारा नियुक्त एनआईएस कोच मोहम्मद तौफीक खिलाड़ियों से प्रति खिलाड़ी 7-7 हजार रुपए वसूलकर टीम रवाना होने से पहले ही फरार हो गया। इस लापरवाही और अव्यवस्था का खामियाजा खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भुगतना पड़ा। कोच की गैरमौजूदगी के कारण पुरुष टीम 12 जनवरी को होने वाले मिक्स्ड रिले इवेंट में हिस्सा नहीं ले सकी, जिससे मेडल की मजबूत उम्मीद पर पानी फिर गया। दरअसल, कर्नाटक के मंगलौर स्थित राजीव गांधी यूनिवर्सिटी में 12 से 16 जनवरी तक ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स गेम्स का आयोजन किया गया। इसमें भाग लेने के लिए महाराजा सूरजमल ब्रज यूनिवर्सिटी की टीम का चयन 15 नवंबर को हुए इंटर कॉलेज टूर्नामेंट के प्रदर्शन के आधार पर किया गया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने खिलाड़ियों के साथ जाने के लिए एनआईएस कोच मोहम्मद तौफीक को नियुक्त किया। आरोप है कि कोच ने प्रतियोगिता में भाग लेने के नाम पर 10 खिलाड़ियों से 7-7 हजार रुपए वसूले, जिनमें से 2 हजार रुपए ट्रैक सूट के नाम पर लिए गए। वहीं इस मामले को लेकर कोच मोहम्मद तौफीक से संपर्क किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। खिलाड़ियों के अनुसार, टीम के रवाना होने से दो दिन पहले कोच मोहम्मद तौफीक ने अचानक जाने से मना कर दिया और अपना मोबाइल बंद कर लिया। आनन-फानन में यूनिवर्सिटी ने महिला टीम के साथ कोच अंजली को तो भेज दिया, लेकिन पुरुष टीम के साथ कोई कोच नहीं गया। खिलाड़ियों की शिकायत के बाद 13 जनवरी की शाम को पुरुष टीम के लिए कोच भेजा गया, लेकिन तब तक 12 जनवरी का मिक्स्ड रिले इवेंट छूट चुका था। बाद में खिलाड़ियों ने अन्य इवेंटों में भाग लिया। 40 घंटे में 2 हजार किमी का जनरल डिब्बे में सफर, परफॉर्मेंस पर असर नेशनल एथलीटों को सफर में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यूनिवर्सिटी ने खिलाड़ियों की ट्रेन रिजर्वेशन की जिम्मेदारी कोच को सौंप दी थी। आरोप है कि कोच ने 20 दिन पहले ही रिजर्वेशन कराया, जिससे सीटें कंफर्म नहीं हो पाईं। परिणाम यह हुआ कि खिलाड़ियों को करीब 2000 किलोमीटर का सफर 40 घंटे तक जनरल डिब्बे में करना पड़ा। थकान और अव्यवस्था के कारण एथलीट अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके। हवाई जहाज से भेजा कोच, तब जाकर इवेंट्स में खेले खिलाड़ी
जब कोच मोहम्मद तौफीक ने जाने से मना कर दिया तो यूनिवर्सिटी ने जल्दबाजी में सुरेंद्र कुमार को पुरुष टीम का कोच और लक्ष्मण सिंह को मैनेजर नियुक्त किया। लेकिन ये दोनों भी टीम के साथ रवाना नहीं हुए। खिलाड़ियों को यह कहकर टाल दिया गया कि आपकी फाइल अभी तैयार नहीं हुई है। जब खिलाड़ियों ने यूनिवर्सिटी के खेल सचिव से शिकायत की, तब जाकर एक खिलाड़ी और कोच सुरेंद्र सिंह को हवाई जहाज से मंगलौर भेजा गया। खिलाड़ी बोले- तोफीक कोच ने 15 दिन पहले से ही फोन उठाना बंद कर दिया “हम सभी ने सुविधा से सफर करने के लिए इतने पैसे दिए फिर भी हमको जनरल डिब्बों में जाना पड़ा।​ हमारे साथ ऐसे कोचों को भेज दिया जिनको गेम के बारे में जानकारी ही नहीं थी।” -कृष्णा, बीए प्रथम वर्ष “मोहम्मद तौफीक कोच ने हमसे 11 दिसंबर को ही पैसे ​ले ​लिए जबकि हमारा रिजर्वेशन उन्होंने 19 दिसंबर को कराया, जिससे हमारी सीट कंफर्म नहीं हो पाई।” -लोकेंद्र, बीए प्रथम वर्ष