देश में Gen Z कर्मचारियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। नौकरी को लेकर भी इस जनरेशन की अप्रोच अलग है। इन लोगों के लिए सवाल यह नहीं है कि ‘इस नौकरी में सैलरी कितनी मिलेगी?’, बल्कि यह है कि ‘इस नौकरी की कीमत मुझे क्या चुकानी पड़ेगी?’ यहां कीमत का मतलब पैसों से नहीं, बल्कि टाइम, एनर्जी, मेंटल पीस और इस बात से है कि क्या नौकरी से मुझे बाहर की जिंदगी जीने का समय मिलेगा या नहीं।
