India Household Savings: वैश्विक महामारी के बाद की दुनिया का आर्थिक पैटर्न तेजी से बदल रहा है और इसका सबसे बड़ा असर घरेलू बचत पर पड़ा है। भारत सहित पूरी दुनिया में घरेलू बचत दरें ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि उपभोग और खर्च की प्रवृत्ति में बड़ा उछाल आया है। भारतीय संस्कृति में सदियों से ‘पाई-पाई जोड़कर’ भविष्य संवारने की भारतीय परंपरा अब आधुनिकता और बाजार की चकाचौंध के बीच पीछे छूट रही है। अब तो यह निचले स्तर पर आ गई।
