वर्तमान समय में बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ती महंगाई और करियर की अनिश्चितता के बीच शादी अब केवल भावनात्मक नहीं बल्कि आर्थिक साझेदारी भी बन चुकी है। पहले जहां पैसों की बातें शादी के बाद धीरे-धीरे सामने आती थीं, वहीं अब युवा कपल्स पहले से ही फाइनेंशियल पारदर्शिता को अहम मानने लगे हैं। प्रोमोर की को-फाउंडर निशा सिंघवी के अनुसार, शादी से पहले इनकम, खर्च, लोन, जिम्मेदारियों और भविष्य के लक्ष्यों पर खुलकर बात करना रिश्ते में भरोसा और स्थिरता लाने में मदद करता है।
