SIP में निवेश को लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन का एक लोकप्रिय तरीका माना जाता है। भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में इसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ी है। बाजार में उतार-चढ़ाव, ब्याज दरों में बदलाव और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताएं SIP के व्यवहार को प्रभावित करती रही हैं। हाल के महीनों में SIP जारी रखने और बीच में रोकने को लेकर चर्चा तेज हुई है। नवंबर 2025 के आंकड़ों से पता चलता है कि बड़ी संख्या में निवेशकों ने अपनी SIP को बंद या पूरा किया, जिससे SIP में निवेश करने के का एक ट्रेंड सामने आया है।