Silver Hallmarking: महंगे होते सोने-चांदी के बीच भारत में निवेश और खरीदारी का तरीका तेजी से बदल रहा है। निवेशक अब माइक्रो गोल्ड कॉइन्स जैसे छोटे विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे कम रकम में भी सुरक्षित निवेश संभव हो पा रहा है। वहीं, चांदी की कीमतों में तेजी और बढ़ती मांग के बीच सरकार चांदी के आभूषणों और कलाकृतियों पर अनिवार्य हॉलमार्किंग के दायरे को बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि उपभोक्ताओं को शुद्धता और भरोसे की गारंटी मिल सके। फिलहाल चांदी पर हॉलमार्किंग स्वैच्छिक आधार पर की जाती है, जबकि सोने के लिए यह पहले से ही अनिवार्य है। अब सभी तरह की चांदी के लिए हॉलमार्किंग जरूरी हो सकती है।