नंगली सर्किल के पटवारी की ओर से एनआरआई से रिश्वत ले फर्द न निकालने के मामले ने तूल पकड़ लिया। मंगलवार को किसानों ने पटवारखाने पर ही ताला जड़ दिया। भारती किसान यूनियन एकता के बैनर तले किसानों ने पटवारखाने के बाहर धरना लगा दिया। इस दौरान जो भी लोग काम करवाने के लिए पहुंच रहे थे, उन्हें वापस भेज दिया गया। किसानों की मांग थी कि पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उसकी जगह पर जिस भी पटवारी की बदली हुई है, उसे वहां तैनात किया जाए। सुबह 10 बजे किसान पटवारखाने के बाहर आकर बैठ गए थे और करीब दो बजे उन्हें शांत करवाने के लिए तहसीलदार-2 पुनीत बांसल और थाना सिविल लाईन के प्रभारी गुरप्रीत सिंह पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जिस मामले संबंधी वह बात कर रहे हैं, वह सारा मामला अधिकारियों के ध्यान में है और वह लिखित में शिकायत कर दे, ताकि वह पटवारी के खिलाफ बनती कार्रवाई कर सके। किसानों को यह आश्वासन देने के बावजूद किसान धरने पर बैठे रहे और उनकी मांग थी कि जिस पटवारी का तबादला अमित बहल की जगह पर किया गया है, उसे वहां पर तैनात किया जाए। बता दें कि नंगली सर्किल के पटवारी अमित बहल का तबादला डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह की ओर से हाल ही में लोपोके कर दिया गया था। इस तबादले के बाद पटवारी ने हाईकोर्ट में केस दायर कर दिया और तबादले को चैलेंज कर दिया। उनकी कई शिकायतों के आधार पर डिप्टी कमिश्नर की ओर से यह तबादला किया गया था। अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि उनके खिलाफ कई और अन्य शिकायतें आ पहुंची। भारती किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के डॉ. गुरमेल सिंह का कहना था कि एनआरआई दिलबाग सिंह जोकि इस समय आस्ट्रेलिया में रह रहे है ने अपने दस साल की फर्द निकलवाने के लिए नंगली सर्किल के पटवारी अमित बहल को कहा था। उसने उससे 50 हजार मांगे, लेकिन बात 45 हजार में बनी। उसने 45 हजार भी दे दिए, लेकिन इसके बावजूद इसने फर्द नहीं दी। एनआरआई का तीन महीने के बाद भी काम नहीं हुआ है और अभी भी उससे पैसों की मांग की जा रही है। उन्होंने मांग की कि उन्हें तुरंत सस्पैंड करके बनती कार्रवाई की जाएं। इसके साथ ही उनकी जगह पर तैनात पटवारी को लगाया जाए।