अमृतसर में श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की टिप्पणियों पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वह केवल पंथ के आगे झुकते हैं, सरकारों के आगे नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा, “पंथ जहां खड़ा है, पंथ के आगे जत्थेदार हजार बार झुकता है, लेकिन सरकारों की परवाह न पहले थी, न आगे होगी।” उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के पास दाढ़ी और केश नहीं है, उसका जत्थेदार क्या जवाब देगा। कहा कि पंथ का काम पंथ ही करेगा, सरकार उसमें सहयोग करे। लेकिन मर्यादा का पालन तो करना ही पड़ेगा। यह विवाद तब शुरू हुआ जब गर्गज ने कैबिनेट मंत्री सोंध को एक कार्यक्रम में सिख मर्यादा का उल्लंघन करने पर फटकार लगाई थी और स्पष्टीकरण देने को कहा था। सीएम मान ने क्या कहा था: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल ही में जत्थेदार गर्गज की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी नियुक्ति “सही मर्यादा” का पालन नहीं करती और “राजनीतिक रूप से प्रभावित” है। मान की यह टिप्पणी उस घटना के बाद सामने आई, जिसमें जत्थेदार गर्गज ने कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध को आनंदपुर साहिब में एक कार्यक्रम के दौरान सिख मर्यादा का उल्लंघन करने के लिए फटकार लगाई थी। गर्गज ने मंत्री को एक सप्ताह के भीतर अकाल तख्त साहिब में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था। धूरी में संबोधन के दौरान सीएम मान ने कहा था कि वह अकाल तख्त संस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन “जो बैठे हैं, वे राजनीतिक नियुक्ति वाले लोग हैं, इसीलिए सरकार के खिलाफ बोलते हैं।” गर्गज बोले- हमारी सरकार तो गुरु गोबिंद सिंह हैं मान के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जत्थेदार गर्गज ने कहा कि पंथ के मामलों पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि “जिस व्यक्ति की दाढ़ी-क़ेश नहीं हैं, उसे जत्थेदार क्या जवाब देगा? यदि वह सिख रूप धारण करें तो बात अलग है।” उन्होंने कहा कि वह किसी भी सरकार से नहीं डरते, क्योंकि उनकी “सरकार” तो श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि सरकारें गुरमत समागम में न आएं। “सरकारें आएं, स्वागत है, लेकिन पंथ के काम पंथ ही करेंगे और सरकारें उसमें सहयोग करें,”