पंजाब के मोहाली में पुलिस ने 9.88 करोड़ रुपए की फेक करेंसी मामले की जांच तेज कर दी है। इस मामले में अब चार और लोगों को नामजद किया गया है। इनकी पहचान शैलेश, ईश्वर, विक्रम और संजीव कुमार के रूप में हुई है। वहीं, हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले सचिन और गुरदीप का चार दिन का रिमांड खत्म होने पर डेराबस्सी अदालत ने उन्हें दो और दिन के रिमांड पर भेज दिया है। अन्य आरोपियों को अरेस्ट करने की तैयारी पुलिस की तरफ से मंगलवार को को रिमांड खत्म होने पर दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश किया गया। अदालत में दलील दी गई है कि मामले में चार अन्य आरोपी शैलेश, ईश्वर, विक्रम और संजीव कुमार को इस मामले में नामजद किया गया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ कर इन आरोपियों को अभी गिरफ्तार करना है। ऐसे में इनके रिमांड की जरूरत है। अदालत में पुलिस ने सात दिन का रिमांड मांगा गया। सारी दलीलों को सुनने के बाद दो दिन का रिमांड दिया गया। आरोपी कंपनी में इन्वेस्टर्स आरोपियों के वकील ने दलील दी की मामले में दोनों आरोपी खुद इन्वेस्टर्स हैं, जबकि पुलिस कंपनी के असली मालिकों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। 1 हजार रुपए के पुराने नोट भी पकड़े SSP हंस ने बताया कि स्कार्पियों से बरामद हुई जाली करेंसी में 1 हजार रुपए के 80 बंडल (80 लाख रुपए), 500 रुपए के 60 बंडल (30 लाख रुपए) और 2 हजार रुपए के 439 बंडल (करीब 8.78 करोड़ रुपए) मिले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बंडलों के ऊपर और नीचे असली नोट रखते थे, जबकि बीच में नकली नोट भरते थे। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में ठगी की कई वारदातों में संलिप्त रहा है। अब पढ़िए लोगों से कैसे करते थे ठगी…
