अमृतसर के ऐतिहासिक खालसा कॉलेज में आज अमृतसर साहित्य उत्सव और पुस्तक मेला-2025 का भव्य उद्घाटन हुआ। यह पांच दिवसीय साहित्यिक कार्यक्रम 15 से 19 नवंबर तक चलेगा। मेले में देश-विदेश से लेखक, विद्वान, प्रकाशक और साहित्य प्रेमी हिस्सा ले रहे हैं। मेले की अध्यक्षता खालसा यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर और कॉलेज गवर्निंग काउंसिल के ऑनरेरी सचिव रजिंदर मोहन सिंह छीना ने की। मीडिया संबोधन में उन्होंने कहा कि यह मेला केवल पुस्तकों का नहीं, बल्कि विचारों, कला और नई सोच का उत्सव है। उन्होंने खालसा कॉलेज की समृद्ध साहित्यिक विरासत को याद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन इसे और मजबूत बनाते हैं। युवा पीढ़ी को पढ़ाई, लेखन और रिसर्च की ओर प्रेरित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. करमजीत सिंह मुख्य मेहमान के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि साहित्यिक कार्यक्रम युवा पीढ़ी को पढ़ाई, लेखन और रिसर्च की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहित्य संवाद और सांस्कृतिक साझा का महत्वपूर्ण माध्यम है और यह मेला इसे और प्रोत्साहित करेगा। क्लासिक पुस्तकों की प्रदर्शनी विशेष अतिथि के रूप में आईएफएस अधिकारी नवदीप सिंह सूरी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि साहित्य सभ्यताओं और देशों को जोड़ने वाला पुल है। इस तरह के मेले नए विचारों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। मेले के दौरान पुस्तक विमोचन, कवि सम्मेलन, लेखक-पाठक संवाद, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन किया है। प्रकाशकों के सैकड़ों स्टॉल्स पर नई और क्लासिक पुस्तकों की प्रदर्शनी लगी है । नवदीप सिंह सूरी ने कहा खालसा कॉलेज के छात्र, शिक्षक और साहित्य प्रेमियों में इस मेले को लेकर खासा उत्साह है। उम्मीद है कि यह पांच दिवसीय साहित्यिक उत्सव अमृतसर की सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा को नई ऊर्जा और दिशा देगा।