दिल्ली लाल किले के पास हुए ब्लास्ट और लुधियाना में मिले ग्रेनेड के बाद श्री गुरू अर्जुन देव जी के शहीदी समारोह को लेकर पुलिस ने सतर्कता और बढ़ा दी है। पुलिस की तरफ से समारोह के दौरान सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर प्रबंध किए जा रहे हैं। पुलिस पहली बार एआई एनेबल्ड कैमरों का इस्तेमाल करने जारी है। जो किसी भी व्यक्ति का चेहरे की फोटो खींचकर डाटाबेस से उसका क्रिमिनल डेटा निकालने के सक्षम है। इसके अलावा ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों का भी इस्तेमाल हो रहा है। यही नहीं आईटीटी रोपड़ का भी विशेष सहयोग लिया जा रहा है। श्री आनंदपुर साहिब में पुलिस की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष बैठक की गई है। सुरक्षा प्रबंधों संबंधी जानकारी देते हुए स्पेशल डीजीपी कानून और व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने बताया कि शहर के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर 300 से ज्यादा एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे, 10 पीटीजेड कैमरे और 25 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए जाएँगे। उन्होंने आगे बताया कि सात ड्रोन टीमें लगातार हवाई निगरानी करेंगी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और उसे रोकने के लिए, रोपड़ जिले और उसके आसपास के झपटमारों से संबंधित डेटा को भी चेहरे की पहचान प्रणाली के साथ एकीकृत किया गया है। प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घुड़सवार पुलिस गश्त और स्मार्ट बैरिकेड्स का भी उपयोग किया जाएगा। इस सबके लिए श्री आनंदपुर साहिब में ही उच्च तकनीकों से लैस नियंत्रण कक्ष भी बना दिया गया है। 10000 कर्मियों के हाथ होगी सुरक्षा व्यवस्था
विशेष डीजीपी ने बताया कि लगभग 10,000 कर्मियों को एडीजीपी स्तर के नोडल अधिकारी की निगरानी में तैनात किया जाएगा, जबकि सात IG/DIG स्तर के अधिकारी, 22 कमांडेंट, 45 SP और 94 DSP शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के लिए तैनात किए जाएंगे। पूरे पुलिस बल को आयोजन के पैमाने और महत्व के बारे में जागरूक किया गया है ताकि उच्च स्तर की सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा सुनिश्चित की जा सके। आईआईटी रोपड़ के सहयोग से बनाया गया ट्रैफिक प्लान
यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं को न्यूनतम असुविधा के लिए जिला पुलिस ने आईआईटी रोपड़ के साथ मिलकर पार्किंग स्थलों का वैज्ञानिक मानचित्रण किया है। 101 एकड़ में फैले कुल 30 पार्किंग स्थल, जिनकी वास्तविक समय पर निगरानी की जाएगी, बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 24×7 शटल सेवाएं श्रद्धालुओं को सभी स्थलों तक पहुंचाएंगी और कुल 10,000 व्यक्तियों की क्षमता वाले तीन टेंट सिटी स्थापित किए जा रहे हैं। राजमार्ग के किनारे एक समर्पित पैदल मार्ग और वाहनों के आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए 60 बाहरी मोड़ और नाके स्थापित किए जाएंगे।