लुधियाना के माछीवाड़ा से राहों को जोड़ने वाला सतलुज ब्रिज को लोक निर्माण विभाग भारी वाहनों के लिए असुरक्षित घोषित कर चुका है। लोक निर्माण विभाग ने जून से इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। इसके बावजूद रेत माफिया जबरन अपने रेत से भरे टिप्पर पुल से निकाल रहा था। अब प्रशासन ने दोनों तरफ दीवार बनाकर पुल पर भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया। सतलुज पुल पर पुलिस ने अब स्थायी नाकेबंदी भी कर दी। पुलिस कर्मियों को सख्त हिदायतें दी हैं कि जो भी भारी वाहन जबरन पुल पर से गुजरेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। राहों की तरफ अवैध माइनिंग करके लाते हैं रेत माछीवाड़ा वाली तरफ ग्रामीण रेत माफिया को माइनिंग करने नहीं दे रहे हैं। रेत माफिया ने अब राहों की तरफ से जाकर रेत निकालनी शुरू कर दी। रेत से भरे ट्रक, टिप्पर व ट्रालियां असुरक्षित घोषित किए गए पुल से निकाल रहे थे। जिससे पुल को खतरा हो रहा था। अब प्रशासन ने बीच में दीवार कर दी ताकि कोई भी टिप्पर यहां से निकल न सके। पहले बसों की एंट्री रोकी, बाद में बसों जाने दिया पुल के दोनों तरफ दीवार बनाकर सिर्फ छोटे वाहनों के निकलने की जगह रखी गई है। सुबह पुलिस ने सवारी बसों को भी रोक दिया था। उसके बाद माछीवाड़ा की तरफ से राहों जाने वाली सवारियों को पुल के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पैदल जाना पड़ा। हालांकि, बाद में पुलिस ने सवारी बसों की एंट्री खोल दी जबकि अन्य भारी वाहनों को रोक दिया। भारी वाहनों को अब मत्तेवाड़ा से होकर निकलना होगा भारी वाहन और लोडेड वाहनों को अब माछीवाड़ा से राहों की तरफ जाने के लिए मत्तेवाड़ा घूमकर जाना पड़ेगा। इसी तरह राहों की तरफ से माछीवाड़ा आने वालों को भी उसी रास्ते आना होगा। हालांकि छोटे वाहन अब भी सीधे उसी पुल से निकलते रहें।
