मानसा में परविंदर सिंह के कत्ल मामले को लेकर चल रहे ‘इंसाफ मोर्चे’ के बीच जिले में स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब गांव भंममे कलां में एक और युवक दलजीत सिंह का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। एक तरफ जहां परिवार इसे नशे की ओवरडोज बता रहा है, वहीं पुलिस ने इसे स्पष्ट रूप से कत्ल की वारदात करार दिया है। इस बीच, शव को मानसा में चल रहे इंसाफ मोर्चे में लाने की कोशिश कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता लक्खा सिधाना समेत तीन लोगों को पुलिस ने रास्ते में ही हिरासत में लिया। परिवार का दावा नशा, SSP बोले- ‘यह हत्या है’ मृतक दलजीत सिंह की पत्नी परमजीत कौर और मां चंद्र कौर ने आरोप लगाया था कि दलजीत की मौत नशे की अत्यधिक मात्रा (ओवरडोज) लेने के कारण हुई है। हालांकि, मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह नशा नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने हत्या में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली है और उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। शव को धरने पर ले जाने से रोका, लक्खा सिधाना गिरफ्तार
मामले में स्थिति तब बिगड़ गई जब कुछ लोगों ने दलजीत सिंह के शव को मानसा में परविंदर सिंह के इंसाफ के लिए चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन स्थल पर ले जाने की कोशिश की। माहौल खराब होने से रोकने के लिए पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लक्खा सिधाना समेत तीन व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मानसा जिले से बाहर भेज दिया, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। धरना जारी रहेगा, सुखपाल खैहरा भी होंगे शामिल पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परविंदर सिंह के कत्ल के खिलाफ चल रहे शांतिपूर्ण धरने को नहीं हटाया जाएगा और न ही उस पर कोई पाबंदी है। उधर, परविंदर सिंह के पिता ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि वे इंसाफ की इस लड़ाई में मोर्चे पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचे। जानकारी के अनुसार, कल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखपाल सिंह खैहरा भी इस इंसाफ मोर्चे में शिरकत करने मानसा पहुंचेंगे।