शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता के अनुसार, इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और भजन-कीर्तन व जागरण करने वाले भक्तों पर कृपा बरसाती हैं. कोजागरी शब्द का संबंध ‘कौन जाग रहा है’ की मान्यता से जोड़ा जाता है. इसी कारण कई परिवारों में रात में दीप प्रज्वलित कर मां लक्ष्मी की पूजा, मंत्र-जाप और भजन किए जाते हैं.
