सीकर की सदर थाना पुलिस ने हाल ही में हुए संदीप हत्याकांड में मास्टरमाइंड पोलक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले मामले में एक अन्य आरोपी और नाबालिग भी पकड़ा जा चुका है। फिलहाल अभी भी मामले में एक हिस्ट्रीशीटर सहित कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होना बाकी है। पलक और उसके दो साथी पुलिस से बचने के लिए दीवार कूदने लगे तो तीनों के पैर टूट गए। दो आरोपियों का सीकर के एसके अस्पताल में इलाज चल रहा है। आज सीओ धोद राजेश कुमार ढाका ने मामले का खुलासा किया। सीओ राजेश कुमार ढाका ने बताया कि मास्टरमाइंड पोलक(30) पुत्र बनवारीलाल जाट निवासी भढाढर और उसके दो साथी नीतीश उर्फ वीरू(21) पुत्र सुभाष बाजिया निवासी चैलासी और अरबाज खान (24) पुत्र असलम खान निवासी अठवास को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपी अपने करीब एक दर्जन साथियों के साथ संदीप का मर्डर करने के बाद फरारी काटने के लिए शिमला चले गए थे। वहां से वापस लौटने के बाद आरोपी गुड़गांव आए। आरोपियों का पीछा कर रही पुलिस टीम करीब 250 सीसीटीवी फुटेज और 2000 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद आरोपियों तक पहुंच गई। गुड़गांव में पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने एक दीवार कूदने की कोशिश की। जिसके चलते तीनों आरोपियों के पैर टूट गए। इस घटना का मास्टरमाइंड पोलक है। जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर 8 अक्टूबर की रात संदीप पिलानियां का मर्डर कर दिया था और उसके साथी आनंद पर जानलेवा हमला किया। मामले में एक अन्य आरोपी और नाबालिग को पहले ही पकड़ा जा चुका है। जो भी घटना के दौरान आरोपियों के साथ मौजूद थे। फिलहाल इस मामले में अभी हिस्ट्रीशीटर जितेंद्र महला सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। अब तक की इन्वेस्टीगेशन में सामने आया है कि संदीप पिलानियां ग्रुप और पोलक का ग्रुप सीकर में एमडी की तस्करी का काम करते हैं। संदीप और पोलक के बीच लंबे समय से वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। इसको लेकर दोनों के ग्रुप के बीच कई बार कहासुनी भी हुई। 8 अक्टूबर की रात जब संदीप अपने साथियों के साथ जब पेट्रोल डलवाने के लिए रसीदपुरा की तरफ गया तो वहां पर पोलक और उसके साथियों ने पहले तो संदीप की गाड़ी को अपनी गाड़ियों से टक्कर मारी और फिर फावड़े से उसका मर्डर कर दिया। इसके बाद संदीप के शव को एक खेत में डालकर वहां से चले गए। वहीं घटना में संदीप का साथी आनंद घायल हो गया। आरोपी की गिरफ्तारी में CI पवन कुमार चौबे,DST प्रभारी वीरेंद्र सिंह, ASI संत कुमार,हेड कांस्टेबल दुर्गाराम,विकास कुमार सदर थाना,विकास कुमार DST,कांस्टेबल हरीश DST, सदर पुलिस थाने के कांस्टेबल अनिल, खेमचंद और विजयपाल की विशेष भूमिका रही।