डूंगरपुर शहर की हुनरमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार से जोड़ने के लिए नगर परिषद पहल करने जा रही है। सिलाई-कढ़ाई, मेहंदी और ब्यूटी पार्लर जैसे कामों में रुचि रखने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। खास बात यह है कि इस पहल के तहत महिलाएं न केवल खुद कमाई कर सकेंगी, बल्कि अपना काम शुरू कर दूसरी महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगी। गुरुवार को नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता ने शहर की उद्यमी महिलाओं के साथ चर्चा की। इस दौरान विशेषज्ञ महिलाओं ने जरूरतमंद महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देने में सहयोग की पेशकश की। हुनर को मिलेगा अवसर, महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि शहर में कई महिलाएं ऐसी हैं, जिनके पास हुनर तो है, लेकिन सही मार्गदर्शन और अवसर नहीं मिलने के कारण वे आगे नहीं बढ़ पातीं। चुनाव प्रचार के दौरान भी ऐसी महिलाओं से मुलाकात हुई थी। अब नगर परिषद का प्रयास रहेगा कि उनकी प्रतिभा को पहचान मिले और वे अपने हुनर के दम पर आत्मनिर्भर बन सकें। महिलाओं की रुचि के अनुसार उन्हें प्रशिक्षण देकर अपना काम शुरू करने के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि वे आर्थिक रूप से मजबूत होने के साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे सकें। सिलाई प्रशिक्षण का पुराना मॉडल फिर बनेगा आधार नगर परिषद के वर्ष 2015 से 2020 के कार्यकाल में पूर्व सभापति केके गुप्ता की पहल पर 3 हजार से अधिक महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण से जोड़ा गया था। इनमें से कई महिलाएं आज अपने सिलाई केंद्र संचालित कर रही हैं। अब इसी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की तैयारी है। इसके अलावा उन्नति सेवा संस्थान में भी महिलाओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था जारी है। नगर परिषद की नई पहल का उद्देश्य इस दिशा में प्रयासों को और विस्तार देना है। मेहंदी-पार्लर से सिलाई-कढ़ाई तक प्रशिक्षण के अवसर सभापति के साथ संवाद में शामिल उद्यमी महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। चर्चा के दौरान मेहंदी, ब्यूटी पार्लर, सिलाई और कढ़ाई जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया। इन कामों में विशेषज्ञता रखने वाली महिलाओं ने जरूरतमंद महिलाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देने में सहयोग की सहमति जताई। इससे हुनर सीखने की इच्छुक महिलाओं को काम शुरू करने के लिए जरूरी कौशल और मार्गदर्शन मिल सकेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा आगे होगी तय इस पहल के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम कब शुरू होगा और पहले चरण में कितनी महिलाओं को इससे जोड़ा जाएगा, इसकी रूपरेखा आगे तय की जाएगी। योजना के जरिए ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता के साथ अवसर देने का प्रयास रहेगा, जो हुनर होने के बावजूद संसाधनों और मार्गदर्शन की कमी के कारण स्वरोजगार शुरू नहीं कर पा रही हैं।