कोटा के राष्ट्रीय दशहरा मेला लगने से पहले स्टॉल और दुकानें लगाने वाले व्यापारियों ने नगर निगम पर अव्यवस्थाओं का आरोप लगाया है। मेला व्यापार महासंघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि मेले में पानी निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। मेला दशहरा व्यापार महासंघ के संरक्षक जाकिर हुसैन ने बताया कि मेले के विशाल स्वरूप के हिसाब से पानी की निकासी की सही व्यवस्था नहीं की गई है। सड़क पर पानी भरने से लोग दुकानों तक नहीं पहुंच पाएंगे- व्यापारी पानी की निकासी के लिए नालियां कम से कम 1.5 से 2 फीट गहरी होनी चाहिए थीं, लेकिन धरातल पर मात्र 3 से 4 इंच गहरी नालियाँ बनाई गई हैं। जाकिर हुसैन ने कहा- नालियाँ छोटी होने के कारण ओवरफ्लो होकर पानी सीधे सड़कों और रास्तों पर फैलेगा, जिससे आने-जाने वाले लोगों का रास्ता बंद होगा। सड़क पर पानी भरने से ग्राहक दुकानों तक पहुंच नहीं पाएंगे जिससे व्यापारियों का व्यवसाय ठप हो जाएगा। नालियों में दौड़ रही बिजली की केबलें, हादसे की आशंका
मेला पदाधिकारियों ने बताया कि पानी के निकासी वाली इन नालियों के अंदर से बिजली की मुख्य केबलें व लाइनें निकाली गई हैं। व्यापारियों का कहना है कि पानी के बहाव के बीच बिजली का कोई तार कट या क्रैक हो जाता है, तो पूरे पानी में करंट फैलने का बी डर है। इससे मेले में आने वाले आम लोगों, बच्चों और दुकानदारों को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। अधिकारियों ने कोई आश्वासन नहीं दिया
मेला दशहरा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष अर्पित अग्रवाल ने बताया कि अव्यवस्थाओं की शिकायत लेकर जब वे अधिकारियों के पास पहुँचे, तो उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। अधिकारियों के पास जाने पर सिर्फ यही कहा जाता है कि मौका निरीक्षण कर लिया गया है। लेकिन धरातल पर किसी भी समस्या का समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा- अधिकारियों से लगातार बात कर रहे हैं, पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। व्यापारियों ने महापौर और नगर निगम आयुक्त से भी नीरीक्षण करने की रिक्वेस्ट की है।
