अस्पताल में इलाज कराने से पहले मरीजों को यह पता होना चाहिए कि डॉक्टर की फीस कितनी है, जांच पर कितना खर्च आएगा और कमरे का किराया क्या होगा। इसी मकसद से केंद्र सरकार ने राज्यों को अस्पतालों में इलाज और दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं की दरें साफ-साफ डिस्प्ले कराने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को राज्यों से कहा कि वे अस्पतालों और अन्य क्लिनिकल संस्थानों में सेवाओं और सुविधाओं की दरें प्रमुखता से प्रदर्शित करने से जुड़े नियमों को प्रभावी तरीके से लागू कराएं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर नियमों के पालन की समीक्षा करने और जरूरत के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा है।