सिख श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही आस्था और मांग को लेकर दर्शन अभिलाषी संस्था के नेताओं और संगत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित दर्शन स्थल पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब का कॉरिडोर दोबारा खोलने के लिए सामूहिक अरदास की। संगत ने डेरा बाबा नानक में बाड़ के पास से ही श्री करतारपुर साहिब की ओर मुंह करके वाहेगुरु के चरणों में प्रार्थना की। हर महीने मस्या के अवसर पर की जाती है अरदास अरदास संपन्न होने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए संस्था के प्रमुख नेताओं गुरिंदर सिंह बाजवा, जत्थेदार जसबीर सिंह जफरवाल और सरदार अवतार सिंह क्लेर ने बताया कि हर महीने मस्या के पवित्र अवसर पर संगत की ओर से कॉरिडोर खोले जाने की कामना के साथ यह अरदास की जाती है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सीमा पर उपजे तनावपूर्ण हालातों के मद्देनजर भारत सरकार द्वारा एहतियातन करतारपुर साहिब कॉरिडोर से आवाजाही को बंद कर दिया गया था। “जब वाघा बॉर्डर खुला है तो करतारपुर कॉरिडोर क्यों बंद?” संस्था के नेताओं ने केंद्र सरकार के रुख पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब दोनों देशों (भारत और पाकिस्तान) की सरकारों ने वाघा बॉर्डर समेत अन्य सीमाओं को व्यापार और आवाजाही के लिए खोल दिया है तथा विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए सिख श्रद्धालुओं के जत्थे नियमित रूप से पाकिस्तान भेजे जा रहे हैं, तो फिर डेरा बाबा नानक से श्री करतारपुर साहिब जाने वाले इस पवित्र कॉरिडोर को अभी तक बंद क्यों रखा गया है?” पंथक नेताओं ने भारत सरकार से अपील की कि संगत की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के निष्कामक दर्शनों के लिए इस कॉरिडोर को तुरंत प्रभाव से दोबारा शुरू किया जाए।