गुरदासपुर जिले की सब-तहसील दोरांगला के दफ्तर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब आयकर (इनकम टैक्स) विभाग की एक विशेष टीम ने अचानक दबिश दी। इनकम टैक्स अधिकारियों ने दफ्तर में करीब 5 घंटे तक गहन जांच की और जमीन-जायदाद की रजिस्ट्रियों व राजस्व (रेवेन्यू) से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों के रिकॉर्ड खंगाले। कार्रवाई पूरी होने के बाद टीम कुछ जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड अपने साथ ले गई। पिछले 4 साल से बिना SRO पोर्टल रजिस्ट्रेशन के चल रहा था दफ्तर अचानक हुई इस जांच की मुख्य वजह प्रशासनिक स्तर पर हुई एक बड़ी तकनीकी व प्रक्रियात्मक लापरवाही सामने आई है। इनकम टैक्स विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोरांगला सब-तहसील कार्यालय पिछले चार वर्षों से लगातार संचालित हो रहा है, लेकिन इसके एसआरओ (SRO) पोर्टल का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया गया था। वित्तीय लेन-देन और रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड को आयकर नियमों के तहत डिजिटल रूप से दर्ज कराने के लिए SRO पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होता है। इसी गड़बड़ी की पड़ताल के लिए टीम को मौके पर भेजा गया था।
नायब तहसीलदार ने दिया पूरा सहयोग; ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के निर्देश आयकर टीम की अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील परिसर और स्टाफ में हड़कंप का माहौल बना रहा।मामले की जानकारी देते हुए नायब तहसीलदार सुखविंदर सिंह ने बताया कि आयकर विभाग की टीम जांच के लिए आई थी और दफ्तर के स्टाफ ने जांच में पूरा सहयोग करते हुए मांगा गया समस्त रिकॉर्ड टीम को सौंप दिया है। आयकर अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद नियमों के तहत आगामी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द एसआरओ पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करें ताकि भविष्य में वित्तीय डेटा दर्ज करने में कोई रुकावट न आए।
