पंचायत चुनावों की घोषणा के साथ ही सरपंच की दावेदारी दिखाने वाले नेता जीत के लिए साम, दाम, दंड, भेद सब अपना रहे हैं। चुनावों में वादे सभाओं, बैठकों और प्रचारों में किए जाते हैं, लेकिन बीकानेर के पूगल तहसील की ग्राम पंचायत आडूरी में रहने वाले नखतराम मेघवाल ने अपने वादों को 500 रुपए के स्टाम्प पेपर पर लिखकर सार्वजनिक किया है। मेघवाल ने 13 पॉइंट का घोषणा-पत्र जारी किया है। नखतराम मेघवाल ने घोषणा पत्र में लिखा है कि यदि उनके द्वारा किए गए सभी वादे 2 साल में पूरे नहीं किए तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। साथ ही भ्रष्टाचार को लेकर भी बड़ा संकल्प किया। उन्होंने स्टाम्प पर लिखा कि यदि उनके कार्यकाल में एक रुपए का भी घोटाला साबित कर दिया गया तो वे उसी समय गांव वालों की पंचायत सभा के सामने सरपंच पद से इस्तीफा दे देंगे। सड़क बनाने से लेकर स्कूल तक का वादा घोषणा पत्र में नखतराम मेघवाल ने ग्राम पंचायत स्तर तक सरकारी अस्पताल में एंबुलेंस की व्यवस्था और सड़क तक पहुंच सुनिश्चित करने का वादा किया गया है। बुजुर्गों को पेंशन के लिए बाहर नहीं जाना पड़े, इसके लिए पंचायत में ई-मित्र की सुविधा सुबह-शाम उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सरकारी आवास और शौचालय स्वीकृत कराने के लिए आमजन से कोई पैसा नहीं लेने, मनरेगा में सरपंच का हस्तक्षेप नहीं रखने और नियमानुसार मनरेगा का काम कराने का संकल्प भी लिया गया है। सरकारी विद्यालय में शिक्षकों, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं में सुधार, गांव की गलियों और मुख्य रास्तों की पक्की सड़क व मरम्मत तथा चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का वादा भी घोषणा पत्र में शामिल है। ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था, हर घर तक साफ पानी प्रत्याशी ने सरकारी योजनाओं, पट्टों और प्रमाण-पत्रों के काम में पारदर्शिता रखने की बात भी रखी गई है। हर महीने एक बार पंचायत मुख्यालय पर आम सभा, वार्ड सभा और जनसुनवाई आयोजित करने का भी वादा किया है। घोषणा पत्र में लाइब्रेरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था, हर घर तक स्वच्छ पेयजल, गांव की गलियों की नियमित सफाई और हर वर्ष ग्राम बैठक में ग्रामीणों को सरकारी कार्यों का पूरा हिसाब देने की बात कही गई है। इसके अलावा हिंदू और मुस्लिम समुदाय के श्मशान व कब्रिस्तान की चारदीवारी, एक खेल मैदान और बस स्टैंड के निर्माण का वादा भी किया गया है। घोषणा-पत्र पर प्रत्याशी के हस्ताक्षर के साथ नोटरी की सत्यापन मुहर भी लगी है। स्टाम्प पेपर पर लिखे इन वादों को लेकर आडूरी ग्राम पंचायत में चर्चा बनी हुई है।