टोंक में ढाणी में दूध देने आने वाले 40 साल के युवक की हत्या 15 और 17 साल के नाबालिगों ने की थी। पुलिस ने चप्पल से आरोपी को पहचाना। लाश के पास उन्हें पानी में तैरती एक चप्पल मिली थी। स्कूल में जाकर पूछताछ की तो पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को डिटेन किया है। मृतक ढाणी में दूध देने आता था।
मामला टोंक की एक ढाणी का है। 5 अक्टूबर राजू लाल गुर्जर की हत्या हो गई थी। गुरुवार को पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। नाबालिगों निशानदेही पर राजूलाल के कानों से लूटी गई सोने की दोनों मुर्कियां और वारदात में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और चाकू को उनके घर से बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई एसपी रोशन मीना के निर्देशन में थाना पुलिस, डीएसटी और साइबर सेल की टीम ने की है। पहले पढ़िए क्या था मामला पुलिस के अनुसार 5 अक्टूबर की सुबह सूचना मिली थी कि एक ढाणी के पास कच्चे रास्ते पर एक मोटरसाइकिल गिरी हुई है और पास में एक व्यक्ति लहूलुहान हालत में पड़ा है। सूचना पर पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों की मदद से घायल राजू गुर्जर (40) को सआदत अस्पताल टोंक ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। चप्पल से मिला सुराग अब AI से देखिए उस दिन क्या हुआ था 1. दूध देने निकला था 2. लिफ्ट मांगी 3. पीछे से मारी कुल्हाड़ी 4. खून से लथपथ छोड़ भागे दूध देने आता था पुलिस के मुताबिक दोनों नाबालिग मृतक को पहले से जानते थे। राजू गुर्जर उनकी ढाणी में रोज दूध देने आता था। दोनों की नजर उसके कानों में पहनी सोने की मुर्कियों पर थी। पुलिस के अनुसार उन्होंने मुर्कियां लूटने के लिए हत्या की योजना बनाई। वारदात वाले दिन दोनों धारदार हथियार लेकर रास्ते में अल सुबह 4 बजे ही छिपकर बैठ गए। राजू मोटरसाइकिल से वहां से निकला तो दोनों ने उसे रोककर आगे तक छोड़ने के लिए कहा। जैसे ही राजू ने मोटरसाइकिल रोकी, पीछे बैठे एक नाबालिग ने कुल्हाड़ी से उसके सिर पर वार कर दिया। राजू के गिरने के बाद दोनों ने चाकू से उसके कानों से सोने की मुर्कियां निकाल लीं। इसके बाद दोनों मृतक के हाथों में पहने चांदी के कड़े और जेब में रखे 22 हजार रुपए निकालने लगे। इसी दौरान किसी के आने की आहट सुनाई दी तो दोनों कड़े और नकदी मौके पर ही छोडक़र फरार हो गए। पुलिस ने दोनों नाबालिगों की निशानदेही पर सोने की मुर्कियां, कुल्हाड़ी और चाकू बरामद कर लिए। टीम में डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश, थानाधिकारी हीरालाल सहित पुलिसकर्मी और साइबर सेल की टीम शामिल रही।
