चूरू के रतनगढ़ तहसील के सांगासर गांव में दो संतों के बीच हुए झगड़े में एक साधु की मौत के मामले में गुरुवार दोपहर करीब 50 घंटे बाद शव को समाधि से बाहर निकाला गया। उपखंड मजिस्ट्रेट के आदेश पर तहसीलदार अंकित मिमानी की मौजूदगी में पुलिस ने शव निकलवाया। इसके बाद जालान अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर छह नामजद सहित अन्य पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भाई ने लगाया मारपीट कर हत्या का आरोप सिरसा निवासी हंसराज ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि उनके भाई बन्नानाथ साधु थे और बालकनाथ के आश्रम में रहते थे। हंसराज के मुताबिक उन्हें जानकारी मिली कि बालकनाथ के साथ हुए झगड़े में बन्नानाथ की मौत हो गई। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि मारपीट कर हत्या करने के बाद घटना के सबूत छिपाने के लिए परिजनों को बिना जानकारी दिए शव को समाधि दे दी गई। छह नामजद सहित अन्य पर हत्या का केस पुलिस ने शिकायत के आधार पर बालकनाथ, बजरंगनाथ समेत छह नामजद आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। सालासर मार्ग पर लगाया जाम घटना की जानकारी के बाद ग्रामीणों और अन्य लोगों में आक्रोश नजर आया। विरोध में लोगों ने सालासर सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश की, जिसके बाद जाम खुलवाया गया। शव निकाले जाने के दौरान मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा रही। पुलिस जाप्ता रहा तैनात शव को समाधि से बाहर निकालने और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान सीआई संदीप कुमार सहित पुलिस जाप्ता तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में शव को समाधि से बाहर निकालकर मोर्चरी ले जाया गया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
