कॉपर, एल्युमिनियम और पॉलिमर की कीमतों में तेज उछाल ने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए दूसरी तिमाही की राह मुश्किल कर दी है। जुलाई से सितंबर के बीच कॉपर की औसत कीमत सालाना आधार पर करीब 57% बढ़ी है, जबकि एल्युमिनियम 35% और पॉलिमर 34% महंगे हुए हैं। इनपुट लागत बढ़ने का सीधा असर कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी और पिछले साल की कमजोर बिक्री के आधार पर इस बार कंपनियों की बिक्री में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। नोमुरा की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों को ब्रोकरेज कवर करता है, उनके दूसरी तिमाही के रेवेन्यू में करीब 15% और एबिडटा में करीब 20% की बढ़ोतरी हो सकती है। एबिटडा मार्जिन 8.6% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में 30 बेसिस पॉइंट ज्यादा है।
