डिजिटल तकनीकों, सस्ते इंटरनेट डेटा और स्मार्टफोन की सर्वसुलभता ने दैनिक जीवन को अत्यधिक सुगम और त्वरित तो बनाया है, लेकिन इसके साथ ही एक गहरा और अदृश्य संकट भी खड़ा कर दिया है जिसे डिजिटल कचरा कहा जाता है। हर दिन हमारे मोबाइल और कंप्यूटर पर आने वाले अनगिनत अनावश्यक ईमेल, वॉट्सऐप पर प्राप्त होने वाले विज्ञापन, व्यावसायिक संस्थाओं द्वारा भेजे जाने वाले संदेश और विभिन्न क्लाउड सर्वरों पर संग्रहित बेकार का डेटा इस कचरे का निर्माण करते हैं।
