जोधपुर के बासनी में SR हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में आग के दौरान केमिकल से भरे ड्रमों में ब्लास्ट से फायर ब्रिगेड के 14 कर्मचारी झुलस गए थे। वहीं, दूसरी तरफ यहां पर लोगों को घर खाली कर रिश्तेदारों के यहां जाना पड़ा है। रात रिश्तेदारों के ही बिताई। गुरुवार सुबह लोग घरों पर वापस आए थो आसपास के इलाकों में केमिकल की गंध इतनी ज्यादा है कि घर के पास खड़े भी नहीं हो पाए। परिवारों को वापस रिश्तेदारों के पास भेजना पड़ा। आसपास के करीब 20 मकानों को खाली करवाया गया है। आग की वजह से फैक्ट्री से सटे मकानों की दीवारों में दरारें आ गई। ब्लास्ट इतना भयंकर था कि फैक्ट्री के आरसीसी की छत तक टूटकर गिर गई। आगे पढ़िए रिपोर्ट… सुबह भी फैक्ट्री से निकल रहा था धुंआ, गंध सहना मुश्किल मौके पर हालात ऐसे हैं कि घटना के 20 घंटे बाद भी गुरुवार सुबह 11 बजे भी फैक्ट्री में से धुंआ निकल रहा था। चारों तरफ दीवारों पर कालिख लगी हुई है। अंदर रखे सामान और केमिकल ड्रम से धुंआ निकल रहा था। फैक्ट्री के एक हिस्से की दीवार भी ढह चुकी थी। थिनर, लीकर और सीलर केमिकल की बदबू पूरी कॉलोनी में फैली हुई है। सुबह बहू आई तो उल्टियां होने लगी 10 साल से कॉलोमी में रहने वाले घेवराम ने बताया- आग लगने के बाद सभी घरों को खाली करवा दिया गया है। सभी को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरी जगह जाने के लिए कहा गया है। मेरे परिवार में 12 लोग हैं। मैं सभी को लेकर शोभावतों की ढाणी अपने रिश्तेदार के यहां गया था। रात को वहीं रुके। घेवराम ने बताया- सोचा था कि सुबह तक सामान्य हो जाएगा। सुबह जब बेटे की बहू आई तो उसे उल्टियां होने लगी। इसके बाद दोबारा रिश्तेदार के यहां भेजा। घर खाली पड़ा है, मेरा पूरा परिवार रिश्तेदार के यहां है। घेवरराम ने बताया कि वे 10 साल से शिकायत कर रहे हैं। हर जगह शिकायत कर चुके, लेकिन कोई कर्रवाई नहीं हुई। सुबह परिवार के लोग आए थे लेकिन बदबू की वजह से गए, टंकी भी पिघल गई स्थानीय निवासी रामनिवास ने बताया- पानी कॉलोनी के रास्ते में फैल चुका है। इसके अलावा केमिकल की इतनी गंदी बदबू आ रही है कि यहां खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं। मेरे परिवार में पांच लोग हैं। इस हादसे के बाद हम लोगों का भी घर खाली करवाया गया, इसके बाद रिश्तेदार के यहां चले गए थे। सुबह बच्चे और परिवार वापस आया था, लेकिन बदबू सहन नहीं कर पाए। इसके बाद इन्हें दोबारा रिश्तेदार के यहां भेज दिया। अब भी अंदर ड्रम फुले हुए पड़े है। हादसे वाली फैक्ट्री की दीवार से सटे मकान के मालिक नरपत ने बताया- हादसे में मेरे घर की दीवारों में दरारें आ गई हैं। छत पर रखी पानी की टंकी तक पिघल गई। हम भी परिवार के साथ दूसरी जगह पर रह रहे हैं। सुबह तक भी यहां रहने लायक स्थिति नहीं थी। ये भी पढ़ें… जोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट- आग बुझाने बुलानी पड़ी थी एयरफोर्स टीम:4 फायर फाइटर्स की हालत गंभीर, पिकअप-दमकल में हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे साथी जोधपुर के बासनी में SR हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में आग के दौरान केमिकल से भरे ड्रमों में ब्लास्ट से फायर ब्रिगेड के 14 कर्मचारी झुलस गए थे। उनका महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। चार की हालत गंभीर है। इनमें तीन वेंटिलेटर पर हैं। दो कर्मचारी करीब 90 फीसदी झुलसे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
