राजस्थान सरकार का जेन-जी वोटर्स पर फोकस बढ़ गया है। भजनलाल सरकार ‘यूथ प्लान’ बनाने जा रही है। ‘यूथ प्लान’ का एजेंडा युवाओं के सुझाव के अनुसार ही तैयार होगा। इस एजेंडे को आगामी बजट में शामिल करते हुए सरकार अलग से यूथ बजट पेश करेगी। प्रदेश के पहले यूथ बजट के लिए सरकार ने ऑनलाइन सुझाव मांगे हैं। इसके लिए वित्त विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। एक्सपर्ट का मानना है कि यह पहल 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले युवा मतदाताओं को लुभाने की रणनीति हो सकती है। यूथ प्लान को इस तरह समझिए प्रदेश में जेन-जी के लिए सरकार की प्रमुख योजनाएं मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया था संवाद मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास पर विकसित भारत जन सेवा अभियान के अंतर्गत यूथ बजट पर युवाओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में युवा रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार की कोशिश यह है कि प्रदेश का युवा सिर्फ नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि ढाई साल में 1 लाख 90 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं। 1 लाख 20 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। वर्ष 2026 में सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। युवाओं ने रोजगार, शैक्षिक एवं तकनीकी ज्ञान, कौशल विकास, युवा कल्याण एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर अपने अनुभव एवं सुझाव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। तकनीकी कौशल के साथ स्वरोजगार पर ध्यान देंगे : गोदारा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा का कहना है- राज्य सरकार तकनीकी कौशल के साथ-साथ स्वरोजगार पर ध्यान देगी। हम प्रदेश के यूथ को रोजगार देने वाला बनाना चाहते हैं। युवाओं के सुझावों को आगामी बजट में शामिल किया जाएगा। नए युवा ही भारत को चौथी अर्थव्यवस्था से तीसरी अर्थव्यवस्था में ले जाएंगे। युवाओं का ध्यान रखना सरकार का काम है। युवाओं के साथ मिलकर सरकार विकसित राजस्थान के सपने का साकार करना चाहती है। एक्सपर्ट बोले- सभी दलों ने बदली रणनीति वरिष्ठ पत्रकार महेश चंद्र शर्मा का कहना है कि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद से सभी दलों ने अपनी रणनीति बदली है। जब आरएसएस के मोहन भगवत ने इस पर प्रतिक्रिया दी तो भाजपा नेताओं का रवैया पूरी तरह बदल गया। मोहन भागवत ने कहा था- युवाओं से संवाद करना जरूरी है। उन पर विचार नहीं थोपे जाएं। ऐसे में बीजेपी शासित राज्य जेन-जी को ध्यान में रखकर की योजनाएं और कार्यक्रम बना रहे हैं।