पहाड़ी उपखंड के कैथवाड़ा कस्बे में पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से बनाई जा रही सीसी सड़क की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में तय तकनीकी नियमों का पालन नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि सड़क की निर्धारित मोटाई करीब 9 इंच होनी चाहिए, जबकि मौके पर जांच में यह करीब 7 इंच मिली। ग्रामीणों ने सड़क की मोटाई, निर्माण सामग्री और अन्य तकनीकी मानकों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, निर्माण स्थल पर सुरक्षा बोर्ड, रिफ्लेक्टर और बैरिकेडिंग के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से हादसे की आशंका भी जताई है। मौके पर जेईएन ने नापी सड़क की मोटाई ग्रामीणों के सवाल उठाने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग के जेईएन मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने सड़क की मोटाई की जांच की, जिसमें यह करीब 7 इंच पाई गई। हालांकि, सीसी की गुणवत्ता, सामग्री का अनुपात और बेस की स्थिति जैसे अन्य तकनीकी मानकों की स्थिति विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीण बोले- निर्माण के दौरान हो लगातार निगरानी ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनते समय विभागीय अधिकारियों की लगातार निगरानी जरूरी है। उनका कहना है कि निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों की जांच होती रहे तो सड़क तैयार होने के बाद गुणवत्ता को लेकर शिकायतों की स्थिति नहीं बनेगी। ग्रामीणों ने विभाग से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा संकेत नहीं होने से चिंता ग्रामीणों ने निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि सड़क पर कई जगह कट और ऊबड़-खाबड़ हिस्से हैं। रात के समय इन जगहों पर पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं होने से बाइक और अन्य वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, कई बार वाहन चालक अचानक आए कट या निर्माणाधीन हिस्से से टकराकर गिरने की स्थिति में पहुंच जाते हैं। ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर रात में दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा संकेत लगाने की मांग की है, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा न रहे। ठेकेदार ने खुद को भाजपा मीडिया प्रभारी बताया निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मौके पर मौजूद ठेकेदार से सवाल किए गए तो उन्होंने स्वयं को भाजपा का मीडिया प्रभारी बताया। उन्होंने निर्माण स्थल पर सांकेतिक चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की बात कही। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय होनी चाहिए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। एईएन बोले- मौके पर आकर देखेंगे निर्माण पूरे मामले को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग के एईएन ने कहा कि वे अगले दिन मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान सड़क की थिकनेस, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और अन्य तकनीकी मानकों की जांच की जाएगी। साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति भी देखी जाएगी। अब विभागीय निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। ग्रामीणों ने जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।