जालंधर ग्रामीण पुलिस ने नकोदर में हुई 3.16 लाख रुपए की कथित लूट का 72 घंटे (3 दिन) के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। जिस कर्मचारी ने लूट की शिकायत दर्ज कराई थी, पुलिस की जांच में वही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 2 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। डीएसपी नकोदर ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि यह घटना 16 सितंबर 2026 को हुई थी। सीएमएस इन्फो सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड, जालंधर में काम करने वाले अरविंदर सिंह निवासी गांव चूहड़ ने शिकायत दी थी। उसने बताया था कि गांव जमीतेगढ़ खोसे के अड्डे पर अज्ञात लोगों ने उसे घेरकर 3 लाख 16 हजार 599 रुपए लूट लिए थे। कर्मचारी ने रची झूठी साजिश इस सूचना के बाद 17 सितंबर 2026 को राहुल अरोड़ा निवासी अजीत नगर, जालंधर के बयानों पर थाना सदर नकोदर में एफआईआर नंबर 254 दर्ज की गई। एसएसपी जालंधर ग्रामीण हरविंदर सिंह विर्क के निर्देश पर एसपी जांच विनीत आहलावत और डीएसपी ओंकार सिंह बराड़ के नेतृत्व में विशेष जांच शुरू हुई। 3 दिनों में पुलिस ने किया खुलासा थाना सदर नकोदर के एसएचओ इंस्पेक्टर पलविंदर सिंह और जांच अधिकारी एएसआई सुखविंदर सिंह की टीम ने आधुनिक तकनीकी सबूतों और कॉल डिटेल्स की जांच की। घटना के महज 3 दिन के भीतर, अरविंदर सिंह के बयानों और मौके के तकनीकी तथ्यों में बड़ा अंतर पाया गया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल किया पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में अरविंदर सिंह ने बताया कि घरेलू खर्चों के कारण उस पर बहुत कर्ज हो गया था। कंपनी का कैश हड़पकर कर्ज चुकाने के इरादे से उसने 16 सितंबर को लूट का यह झूठा ड्रामा रचा था। पुलिस अब आरोपी से बाकी रकम की रिकवरी और अन्य कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है।