अमृतसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की बेअदबी के मामले में शुक्रवार को बंद की कॉल को वापस ले लिया गया है। हालांकि, अब इसकी जगह भंडारी पुल पर विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा। यह फैसला व्यापारी वर्ग को हो रहे नुकसान को देखते हुए लिया गया है। केंद्रीय वाल्मीकि मंदिर में विभिन्न संगठनों की आपात बैठक में इस पर चर्चा हुई, जिसके बाद बंद की कॉल वापस लेने का निर्णय लिया गया। शुक्रवार को नहीं होगा अमृतसर बंद संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को अमृतसर पूरी तरह बंद नहीं रहेगा। इसके बजाय, भंडारी पुल पर करीब 3 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और चक्का जाम रहेगा। इस दौरान पंजाब सरकार के पुतले भी जलाए जाएंगे। संगठनों ने साफ किया कि चक्का जाम के दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। हालांकि, आम यातायात पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि बंद की कॉल वापस ली गई है, लेकिन बाबा साहेब की बेअदबी के मामले को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। बेअदबी करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की प्रतिमा के साथ बेअदबी करने वालों को माफ नहीं किया जाएगा, जब तक अपराधी को सजा नहीं मिलेगी तब तक वो शांति से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि लगातार बंद के कारण व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था इसीलिए उन्होंने बंद को कॉल को वापिस ले लिया है लेकिन तीन घंटों तक सुबह 10 से 1 बजे तक भंडारी पुल पर चक्का जाम किया जाएगा कर रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
