राज्य में कर अपवंचना और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मामलों पर कॉमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट ने कार्रवाई की है। विभाग ने सोमवार को जयपुर में एक निर्दलीय प्रत्याशी और कारोबारी पर कार्रवाई की। इसके अलावा विभाग की प्रवर्तन टीमों ने पिछले दिनों जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर और डीडवाना-कुचामन में विभिन्न कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध लेन-देन, अपात्र ITC, बिना वास्तविक आपूर्ति के बिलिंग और रिटर्न में विसंगतियों से जुड़े मामलों की जांच की। टीमों ने ट्रैवल्स एंड कार्गो, तेल कारोबारी, स्टोन क्रशर, टिम्बर्स आदि प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। हाल ही हुई कार्रवाई में करीब 1.93 करोड़ रुपए की संभावित टैक्स लायबिलिटी सामने आई है। संबंधित मामलों में करदाताओं की ओर से 1.74 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा या रिवर्स की गई है। कई मामलों में दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त कर जांच शुरू की गई। जयपुर में निर्दलीय प्रत्याशी पर यहां की कार्रवाई, दुकान सीज जीएसटी विभाग ने सोमवार को जयपुर में निर्दलीय प्रत्याशी और कारोबारी बनवारी लाल सैनी पर कार्रवाई की। सैनी ने बताया- जीएसटी विभाग ने आज शाम 5 बजे मेरी झोटवाड़ा थाने के पास स्थित एशियन पेंट की दुकान को सीज किया। मेरे पास एशियन पेंट की डीलरशीप थी। नगर निगम चुनाव में मैं वार्ड 12 से चुनाव लड़ रहा हूं। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहा हूं। जीत के समीकरण मेरे पक्ष में है, इसलिए सरकार बौखलाई हुई है। मुझ पर प्रेशर बनाने के लिए इस हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा- जीएसटी को यदि कोई कार्रवाई करनी थी तो पहले मुझे नोटिस दिया जाता। मुझे कहा गया कि आपकी शिकायत आई है, लेकिन जब मैंने शिकायत करने वाले के बारे में पूछा तो कहा गया आप चुनाव लड़ रहे हो आपको तो पता होगा। बनवारी लाल ने कहा- सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। चुनाव के बाद मामले की मैं जांच करवाऊंगा और आवश्यकता पड़ी तो कोर्ट भी जाऊंगा। पद्मावती ट्रैवल्स एंड कार्गो से 1.39 करोड़ की ITC रिवर्सल जयपुर स्थित M/s Padmawati Travels and Cargo पर 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में 1,38,88,072 रुपए की IGST ITC का नियमानुसार रिवर्सल नहीं किया जाना सामने आया। विभाग द्वारा प्रावधानों से अवगत कराने के बाद करदाता ने पूरी राशि 1,38,88,072 रुपए जमा कर दी। संबंधित अवधि के रिटर्न और अभिलेखों की जांच जारी है। अलवर में तेल कारोबारी के यहां जांच अलवर स्थित Alwar Solvex के यहां 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में करीब 30 लाख रुपए की संभावित कर देयता सामने आई। मामला 15 अगस्त को प्रतिष्ठान में हुई आग की घटना के दौरान स्टॉक और उससे संबंधित ITC के नुकसान से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठान पर M/s AWL Agri Business Limited के लिए सरसों तेल की पैकिंग का जॉबवर्क किया जाता है। आग के समय परिसर में मौजूद स्टॉक उक्त फर्म का था। मौके पर गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। दस्तावेज और लेखा पुस्तकों की जांच के लिए करदाता को 11 सितंबर को उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है। खेरलीवाला प्रोडक्ट्स ने जमा किए 10 लाख अलवर स्थित Kherliwala Products Pvt. Ltd. के यहां 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में ब्लॉक ITC का दावा किए जाने की संभावना सामने आई और करीब 12 लाख रुपए की संभावित राशि निर्धारित की गई। करदाता ने जांच के दौरान 10 लाख रुपए जमा किए। गायत्री स्टोन क्रशर में सर्कुलर ट्रेडिंग की आशंका सुजानगढ़ क्षेत्र स्थित Gayatri Stone Crusher के यहां 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। विभागीय डेटा विश्लेषण में सर्कुलर ट्रेडिंग, बिना वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के इनवॉइस जारी करने, RCM में अंतर और टर्नओवर छिपाने जैसी विसंगतियों की आशंका सामने आई। प्रकरण में करीब 10.15 लाख रुपए की संभावित राशि का आकलन किया गया है। जांच के दौरान दस्तावेज जब्त किए गए। शिव ऑयल इंडस्ट्रीज में 28.98 लाख की ITC जांच सवाई माधोपुर के खंडार स्थित M/s Shiv Oil Industries के यहां 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में वर्ष 2022-23 में 16 लाख 61 हजार 504 रुपए और वर्ष 2023-24 में 12,37,080 रुपए यानी कुल 28,98,584 रुपए की ITC के उपयोग का मामला सामने आया। राधे कृष्णा टिम्बर्स में दस्तावेज जब्त, 10 लाख जमा विभाग ITC की पात्रता की जांच कर रहा है। मौके पर पंचनामा और बयान स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तैयार किए गए। मामले में 15 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि भी प्राप्त हुई। डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थित M/s Radhe Krishna Timbers के यहां 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। विभाग को बिना उचित बिलिंग के खरीद-बिक्री तथा ITC के माध्यम से कर देयता कम किए जाने की आशंका मिली। प्रकरण में करीब 12 लाख रुपए की संभावित राशि का आकलन किया गया है। करदाता ने कैश लेजर से 10 लाख रुपए जमा किए। खरीद-बिक्री के बिल, लेखा पुस्तकें और अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।