अमृतसर बॉर्डर रेंज के नए आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने गुरुवार को अपना पदभार संभाल लिया। वह एक बार फिर अमृतसर लौटे हैं। पद संभालने के बाद आईजी भुल्लर ने कहा कि बॉर्डर रेंज में नशे, संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के हिसाब से नशे के कारोबार और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम पर रोक लगाना पंजाब पुलिस की मुख्य प्राथमिकता रहेगी। नशा तस्करों और उनके पूरे नेटवर्क के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों के साथ बनाया जाएगा बेहतर तालमेल आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि बॉर्डर रेंज बहुत संवेदनशील इलाका है। इसकी पाकिस्तान के साथ लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। इसके अलावा नदी वाला इलाका और जम्मू-कश्मीर व हिमाचल प्रदेश से लगते क्षेत्रों में भी सुरक्षा को लेकर पूरी तैयारी रखी जाएगी। सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बीएसएफ समेत दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशे से प्रभावित और नशे के हॉटस्पॉट इलाकों पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए बॉर्डर रेंज के एसएसपी के साथ बैठकें कर लोगों तक पहुंचने के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सिविल प्रशासन, डिप्टी कमिश्नरों और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से युवाओं को नशे से दूर कर मुख्यधारा से जोड़ने और नशा छुड़ाने के लिए भी खास कोशिशें की जाएंगी। सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस को और मजबूत और अलर्ट किया जाएगा : आईजी आईजी ने बताया कि सीमावर्ती गांवों को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए पंजाब पुलिस की सेकेंड लाइन ऑफ डिफेंस को और मजबूत और अलर्ट किया जाएगा। सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और नशा तस्करी रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम होगा। अटारी सीमा के पास हाल ही में ड्रोन गिरने की घटना का जिक्र करते हुए आईजी भुल्लर ने कहा कि वह खुद अटारी बॉर्डर से लोगों से संपर्क अभियान शुरू करेंगे। स्थानीय लोगों को साथ लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर गैर-कानूनी गतिविधियों या ड्रोन से जुड़ी अफवाहें और गलत वीडियो फैलाने वालों पर भी नियमों के हिसाब से कार्रवाई होगी। आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनकी फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन कर उनकी संपत्तियों और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। बयान के बाद विवादों से घिरे थे आईजी भुल्लर अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को अगस्त 2026 में उनके पद से हटाए जाने का मुख्य कारण जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन और एक आतंकी साजिश से जुड़े उनके बयानों के बाद खड़ा हुआ राजनीतिक और सोशल मीडिया विवाद था। उनके कार्यकाल के दौरान अमृतसर पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरप्रीत भुल्लर ने कहा था कि गिरफ्तार किए गए संदिग्धों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन की रेकी की थी और वहां हमला करने की योजना बनाई थी। विवाद के बाद जारी किया था स्पष्टीकरण सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि गिरफ्तार संदिग्ध जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों से जुड़े हुए थे। इसके बाद पंजाब पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी किया कि भुल्लर ने ऐसा नहीं कहा था कि प्रदर्शनकारियों का इस आतंकी मॉड्यूल से कोई संबंध है। पुलिस ने बीजेपी (BJP) के कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स पर वीडियो को एडिट करके भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी। इस पूरे घटनाक्रम और राजनीतिक कोहराम के महज दो दिन बाद ही पंजाब सरकार ने गुरप्रीत सिंह भुल्लर का तबादला कर दिया और उन्हें डीजीपी कार्यालय रिपोर्ट करने को कहा। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर तबादले की कोई खास वजह नहीं बताई गई, लेकिन राजनीतिक दलों (जैसे बीजेपी) ने इस कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए और इसे उनके खुलासे से जोड़कर देखा।
