जयपुर। जिले की एससी-एसटी मामलों की विशेष अदालत ने फोन पर गाली-गलौज करने और जातिसूचक शब्द कहने के आरोप में आरोपी डॉ. मदन कलवानिया को बड़ी राहत दी है। अदालत ने मामले में आरोपी को एससी-एसटी एक्ट, आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत लगाए गए आरोपों से डिस्चार्ज कर दिया। अदालत ने माना कि उपलब्ध रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि कथित अपमान सार्वजनिक स्थान पर या अन्य लोगों की मौजूदगी में किया गया था।